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Class 12 Physics • Ray Optics

Ray Optics and Optical Instruments (किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशीय यंत्र)

दर्पण सूत्र (Mirror Formula), स्नेल का नियम (Snell's Law), पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection), लेंस सूत्र (Lens Formula), लेंस मेकर सूत्र (Lens Maker's Formula), प्रिज्म (Prism) और प्रकाशीय यंत्र (Optical Instruments) — सब कुछ आसान हिंदी में।

CBSE • NCERT • JEE Main • NEET के लिए पूरी तैयारी।

18 Topics
20+ Formulas
6 Derivations
60+ Q&A
Chapter Overview (अध्याय परिचय) 20 min read

किरण प्रकाशिकी (Ray Optics) प्रकाश के सरल रेखीय गमन (Rectilinear Propagation) पर आधारित है। इसमें हम प्रकाश के परावर्तन (Reflection), अपवर्तन (Refraction), और विभिन्न प्रकाशीय यंत्रों (Optical Instruments) का अध्ययन करते हैं। यह Class 12 Physics का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है, जिससे Board Exam में लगभग 8-10 अंक के प्रश्न आते हैं।

इस अध्याय में हम गोलीय दर्पणों (Spherical Mirrors) से परावर्तन, लेंसों (Lenses) से अपवर्तन, पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection), प्रिज्म (Prism) में प्रकाश के विचलन (Deviation) और मानव नेत्र (Human Eye) तथा उसके दोषों (Defects of Vision) को समझेंगे।

JEE Main और NEET में भी इस अध्याय से 2-3 प्रश्न निश्चित रूप से आते हैं। इसलिए इसे पूरी गंभीरता से पढ़ना चाहिए।

What You Will Learn (आप क्या सीखेंगे)
  • गोलीय दर्पण से परावर्तन (Reflection by Spherical Mirrors)
  • कार्तीय चिह्न परिपाटी (Cartesian Sign Convention)
  • दर्पण सूत्र (Mirror Formula) — 1/f = 1/v + 1/u
  • आवर्धन (Magnification) — m = −v/u
  • अपवर्तन (Refraction) और स्नेल का नियम (Snell's Law)
  • पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)
  • काँच की पट्टिका से अपवर्तन (Refraction Through Glass Slab)
  • गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन (Refraction at Spherical Surface)
  • लेंस सूत्र (Lens Formula) — 1/f = 1/v − 1/u
  • लेंस मेकर सूत्र (Lens Maker's Formula)
  • लेंस द्वारा आवर्धन (Magnification by Lens)
  • लेंस की क्षमता (Power of Lens)
  • लेंसों का संयोजन (Combination of Lenses)
  • प्रिज्म (Prism) और न्यूनतम विचलन (Minimum Deviation)
  • प्रकाशीय यंत्र (Optical Instruments) — सूक्ष्मदर्शी और दूरदर्शी
  • मानव नेत्र (Human Eye)
  • दृष्टि दोष (Defects of Vision) और उनका संशोधन
Table of Contents (विषय-सूची) Topic पर क्लिक करें

1 Reflection by Spherical Mirrors (गोलीय दर्पण से परावर्तन)

गोलीय दर्पण (Spherical Mirror) गोले के पृष्ठ का वह भाग है जिसकी एक सतह चमकदार (Reflecting) होती है। ये दो प्रकार के होते हैं:

  • अवतल दर्पण (Concave Mirror): परावर्तक सतह अंदर की ओर होती है। यह अभिसारी (Converging) दर्पण है।
  • उत्तल दर्पण (Convex Mirror): परावर्तक सतह बाहर की ओर होती है। यह अपसारी (Diverging) दर्पण है।
Diagram

Concave and Convex Mirror

[IMAGE GENERATION PROMPT: Create a clean NCERT-style Physics educational diagram for Class 12. Topic: Types of Spherical Mirrors. Show: A concave mirror (reflecting surface curved inward) and a convex mirror (reflecting surface curved outward), both with principal axis, pole P, centre of curvature C, and focus F labeled. Use white background, clean vector-like lines, readable English labels, minimal colors, high-resolution, textbook style, no watermark, no decorative background, mobile-friendly composition.]
चित्र 1: अवतल और उत्तल दर्पण

Suggested filename: concave-convex-mirror.webp | ALT: अवतल और उत्तल दर्पणों को दर्शाने वाला चित्र

महत्वपूर्ण: गोलीय दर्पण के लिए फोकस दूरी (Focal Length) f = R/2 होती है, जहाँ R वक्रता त्रिज्या (Radius of Curvature) है।

2 Cartesian Sign Convention (कार्तीय चिह्न परिपाटी)

कार्तीय चिह्न परिपाटी (Cartesian Sign Convention) के अनुसार, दर्पण के ध्रुव (Pole) को मूल बिंदु (Origin) माना जाता है और मुख्य अक्ष (Principal Axis) को X-अक्ष माना जाता है।

  • आपतित प्रकाश की दिशा में मापी गई दूरी धनात्मक (+) होती है।
  • आपतित प्रकाश की दिशा के विपरीत मापी गई दूरी ऋणात्मक (−) होती है।
  • मुख्य अक्ष के ऊपर की ऊँचाई धनात्मक और नीचे की ऊँचाई ऋणात्मक होती है।
Common Mistake: दर्पण के लिए f और u के चिह्न भूल जाना। अवतल दर्पण के लिए f ऋणात्मक, उत्तल दर्पण के लिए f धनात्मक होता है। वस्तु की दूरी (u) सदैव ऋणात्मक होती है।

3 Mirror Formula (दर्पण सूत्र)

दर्पण सूत्र (Mirror Formula) वस्तु की दूरी (u), प्रतिबिंब की दूरी (v) और फोकस दूरी (f) के बीच संबंध बताता है।

$$\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$$

कब उपयोग करें: गोलीय दर्पणों (अवतल और उत्तल) के लिए।

प्रतीक: f = फोकस दूरी, v = प्रतिबिंब दूरी, u = वस्तु दूरी।

4 Magnification (आवर्धन)

आवर्धन (Magnification) प्रतिबिंब की ऊँचाई और वस्तु की ऊँचाई का अनुपात है।

$$m = \frac{h'}{h} = -\frac{v}{u}$$

ऋणात्मक m: वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब। धनात्मक m: आभासी और सीधा प्रतिबिंब।

Common Mistake: m = −v/u में ऋण चिह्न न भूलें।

5 Refraction (अपवर्तन)

अपवर्तन (Refraction) वह घटना है जिसमें प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाते समय अपनी दिशा बदल लेता है।

कारण: दोनों माध्यमों में प्रकाश की चाल (Speed of Light) भिन्न-भिन्न होती है।

$$n = \frac{c}{v}$$

जहाँ n = अपवर्तनांक (Refractive Index), c = निर्वात में प्रकाश की चाल, v = माध्यम में प्रकाश की चाल।

6 Snell's Law (स्नेल का नियम)

स्नेल का नियम (Snell's Law) आपतन कोण (Angle of Incidence) और अपवर्तन कोण (Angle of Refraction) के बीच संबंध बताता है।

$$n_1 \sin i = n_2 \sin r$$

जहाँ n₁ = पहले माध्यम का अपवर्तनांक, n₂ = दूसरे माध्यम का अपवर्तनांक, i = आपतन कोण, r = अपवर्तन कोण।

⚠️ महत्वपूर्ण: स्नेल का नियम एक प्रायोगिक नियम (Experimental Law) है। इसे किसी अन्य नियम से व्युत्पन्न नहीं किया जा सकता।

7 Total Internal Reflection (पूर्ण आंतरिक परावर्तन)

पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) तब होता है जब प्रकाश सघन माध्यम (Denser Medium) से विरल माध्यम (Rarer Medium) में जाता है और आपतन कोण क्रांतिक कोण (Critical Angle) से बड़ा होता है।

शर्तें:

  • प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना चाहिए।
  • आपतन कोण क्रांतिक कोण से बड़ा होना चाहिए (i > θc)।
$$\sin \theta_c = \frac{n_2}{n_1}$$

अनुप्रयोग: ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fibre), हीरा का चमकना, मिराज (Mirage), पूर्ण परावर्तक प्रिज्म।

Diagram

Total Internal Reflection

[IMAGE GENERATION PROMPT: Create a clean NCERT-style Physics educational diagram for Class 12. Topic: Total Internal Reflection. Show: A denser medium (water/glass) below and rarer medium (air) above, a ray of light traveling from denser to rarer medium, with three cases — (a) refraction when i < θc, (b) critical angle when i = θc (refracted ray along surface), (c) total internal reflection when i > θc. Label θc, i, r, denser medium, rarer medium clearly. Use white background, clean vector-like lines, readable English labels, minimal colors, high-resolution, textbook style, no watermark, no decorative background.]
चित्र 2: पूर्ण आंतरिक परावर्तन की तीन अवस्थाएँ

Suggested filename: total-internal-reflection.webp | ALT: पूर्ण आंतरिक परावर्तन की तीन अवस्थाओं को दर्शाने वाला चित्र

8 Refraction Through Glass Slab (काँच की पट्टिका से अपवर्तन)

जब प्रकाश काँच की समानांतर पट्टिका (Glass Slab) से गुजरता है, तो वह दो बार अपवर्तित होता है — पहले हवा से काँच में और फिर काँच से हवा में।

निष्कर्ष: आपतन किरण और निर्गत किरण समानांतर होती हैं, लेकिन पार्श्विक विस्थापन (Lateral Displacement) हो जाता है।

$$d = t \cdot \frac{\sin(i - r)}{\cos r}$$

जहाँ d = पार्श्विक विस्थापन, t = पट्टिका की मोटाई।

9 Refraction at Spherical Surface (गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन)

जब प्रकाश गोलीय पृष्ठ (Spherical Surface) से अपवर्तित होता है, तो वस्तु दूरी, प्रतिबिंब दूरी और वक्रता त्रिज्या में संबंध स्थापित होता है।

$$\frac{n_2}{v} - \frac{n_1}{u} = \frac{n_2 - n_1}{R}$$

जहाँ n₁ = पहले माध्यम का अपवर्तनांक, n₂ = दूसरे माध्यम का अपवर्तनांक, R = वक्रता त्रिज्या।

10 Lens Formula (लेंस सूत्र)

लेंस सूत्र (Lens Formula) वस्तु दूरी, प्रतिबिंब दूरी और फोकस दूरी के बीच संबंध बताता है।

$$\frac{1}{f} = \frac{1}{v} - \frac{1}{u}$$

ध्यान दें: दर्पण सूत्र में 1/v + 1/u होता है, जबकि लेंस सूत्र में 1/v − 1/u होता है।

11 Lens Maker's Formula (लेंस मेकर सूत्र)

लेंस मेकर सूत्र (Lens Maker's Formula) लेंस की फोकस दूरी, अपवर्तनांक और वक्रता त्रिज्याओं के बीच संबंध बताता है।

$$\frac{1}{f} = (n - 1)\left(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2}\right)$$

जहाँ n = लेंस के पदार्थ का अपवर्तनांक, R₁ और R₂ = दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याएँ।

महत्वपूर्ण: यह सूत्र केवल पतले लेंस (Thin Lens) के लिए मान्य है।

12 Magnification by Lens (लेंस द्वारा आवर्धन)

$$m = \frac{h'}{h} = \frac{v}{u}$$

ऋणात्मक m: वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब। धनात्मक m: आभासी और सीधा प्रतिबिंब।

13 Power of Lens (लेंस की क्षमता)

लेंस की क्षमता (Power of Lens) लेंस की प्रकाश को अभिसरित या अपसरित करने की क्षमता का माप है।

$$P = \frac{1}{f \text{ (in metres)}}$$

SI मात्रक: डायोप्टर (Dioptre, D)। 1 D = 1 m⁻¹।

उत्तल लेंस: P धनात्मक। अवतल लेंस: P ऋणात्मक।

14 Combination of Lenses (लेंसों का संयोजन)

जब दो या अधिक लेंस संपर्क में (In Contact) रखे जाते हैं, तो उनकी क्षमताएँ जुड़ जाती हैं।

$$P = P_1 + P_2$$ $$\frac{1}{f} = \frac{1}{f_1} + \frac{1}{f_2}$$

15 Prism (प्रिज्म)

प्रिज्म (Prism) एक पारदर्शी त्रिभुजाकार काँच का टुकड़ा है जो प्रकाश को विचलित (Deviate) और विक्षेपित (Disperse) करता है।

$$\delta = i + e - A$$ $$n = \frac{\sin\left(\frac{A + \delta_m}{2}\right)}{\sin\left(\frac{A}{2}\right)}$$

जहाँ δ = विचलन कोण, δm = न्यूनतम विचलन कोण, A = प्रिज्म कोण।

Diagram

Prism — Refraction and Deviation

[IMAGE GENERATION PROMPT: Create a clean NCERT-style Physics educational diagram for Class 12. Topic: Refraction through a Prism. Show: A triangular prism with angle A, a ray of light incident at angle i, refracted at angles r1 and r2 inside the prism, emerging at angle e, and the angle of deviation δ between incident and emergent ray. Label A, i, e, r1, r2, δ clearly. Use white background, clean vector-like lines, readable English labels, minimal colors, high-resolution, textbook style, no watermark, no decorative background.]
चित्र 3: प्रिज्म से प्रकाश का अपवर्तन और विचलन

Suggested filename: prism-refraction-deviation.webp | ALT: प्रिज्म से प्रकाश के अपवर्तन और विचलन को दर्शाने वाला चित्र

16 Optical Instruments (प्रकाशीय यंत्र)

प्रकाशीय यंत्र (Optical Instruments) वे यंत्र हैं जो लेंसों और दर्पणों का उपयोग करके वस्तुओं का आवर्धित प्रतिबिंब बनाते हैं।

सूक्ष्मदर्शी (Microscope)

सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope): एक अवतल लेंस जो आवर्धित आभासी प्रतिबिंब बनाता है।

$$M = 1 + \frac{D}{f} \quad \text{(near point)}$$ $$M = \frac{D}{f} \quad \text{(infinity)}$$

संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope): दो लेंस — अभिदृश्यक (Objective) और नेत्रिका (Eyepiece)।

$$M = \frac{v_o}{u_o}\left(1 + \frac{D}{f_e}\right)$$

दूरदर्शी (Telescope)

खगोलीय दूरदर्शी (Astronomical Telescope): दूर की वस्तुओं को देखने के लिए।

$$M = -\frac{f_o}{f_e}$$

जहाँ fo = अभिदृश्यक की फोकस दूरी, fe = नेत्रिका की फोकस दूरी।

या द रखें: सूक्ष्मदर्शी में अभिदृश्यक की फोकस दूरी कम होती है, जबकि दूरदर्शी में अभिदृश्यक की फोकस दूरी अधिक होती है।

17 Human Eye (मानव नेत्र)

मानव नेत्र (Human Eye) एक प्राकृतिक प्रकाशीय यंत्र है जो वस्तुओं का प्रतिबिंब रेटिना (Retina) पर बनाता है।

  • कॉर्निया (Cornea): प्रकाश को अभिसरित करता है।
  • लेंस (Lens): समंजन (Accommodation) द्वारा फोकस दूरी बदलता है।
  • रेटिना (Retina): प्रतिबिंब बनता है।
  • निकट बिंदु (Near Point): 25 cm (स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी)।
  • दूर बिंदु (Far Point): अनंत (Infinity)।

18 Defects of Vision (दृष्टि दोष)

1. निकट दृष्टि दोष (Myopia)

दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं। संशोधन: अवतल लेंस (Concave Lens) द्वारा।

2. दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia)

निकट की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं। संशोधन: उत्तल लेंस (Convex Lens) द्वारा।

3. जरा दृष्टि दोष (Presbyopia)

वृद्धावस्था में समंजन क्षमता कम हो जाती है। संशोधन: द्वि-फोकसी लेंस (Bifocal Lens) द्वारा।

Common Mistake: निकट दृष्टि दोष में अवतल लेंस और दूर दृष्टि दोष में उत्तल लेंस — इन्हें आपस में न मिलाएँ।

Important Formulas (महत्वपूर्ण सूत्र)

1. Mirror Formula Derived Formula
$$\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$$

प्रतीक: f = फोकस दूरी, v = प्रतिबिंब दूरी, u = वस्तु दूरी।

2. Magnification (Mirror) Definition-based
$$m = -\frac{v}{u}$$
3. Snell's Law Experimental Law
$$n_1 \sin i = n_2 \sin r$$
4. Critical Angle Derived Formula
$$\sin \theta_c = \frac{n_2}{n_1}$$
5. Lens Formula Derived Formula
$$\frac{1}{f} = \frac{1}{v} - \frac{1}{u}$$
6. Lens Maker's Formula Derived Formula
$$\frac{1}{f} = (n-1)\left(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2}\right)$$
7. Power of Lens Definition-based
$$P = \frac{1}{f \text{ (in m)}}$$
8. Combination of Lenses Derived Result
$$P = P_1 + P_2$$
9. Prism Formula Derived Formula
$$n = \frac{\sin\left(\frac{A + \delta_m}{2}\right)}{\sin\left(\frac{A}{2}\right)}$$
10. Compound Microscope Magnification Derived Formula
$$M = \frac{v_o}{u_o}\left(1 + \frac{D}{f_e}\right)$$
11. Telescope Magnification Derived Formula
$$M = -\frac{f_o}{f_e}$$

Important Derivations (महत्वपूर्ण व्युत्पत्तियाँ)

Mirror Formula Derivation

Step 1: अवतल दर्पण के लिए किरण आरेख बनाएँ। वस्तु AB, ध्रुव P से दूरी u पर है।
Step 2: त्रिभुजों की समरूपता (Similarity) से: A'B'/AB = PB'/PB
Step 3: दर्पण सूत्र में चिह्न परिपाटी लागू करने पर: −v/u = (v−f)/f
Step 4: सरलीकरण करने पर: 1/f = 1/v + 1/u
$$\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$$

Lens Maker's Formula Derivation

Step 1: पहले पृष्ठ पर अपवर्तन: n₂/v₁ − n₁/u = (n₂−n₁)/R₁
Step 2: दूसरे पृष्ठ पर अपवर्तन: n₁/v − n₂/v₁ = (n₁−n₂)/R₂
Step 3: दोनों समीकरणों को जोड़ने पर: n₁/v − n₁/u = (n₂−n₁)(1/R₁ − 1/R₂)
Step 4: n₁ = 1 (हवा) रखने पर: 1/v − 1/u = (n−1)(1/R₁ − 1/R₂)
$$\frac{1}{f} = (n-1)\left(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2}\right)$$

Prism Formula Derivation

Step 1: प्रिज्म के लिए: A = r₁ + r₂
Step 2: विचलन: δ = i + e − A
Step 3: न्यूनतम विचलन पर: i = e, r₁ = r₂ = A/2
Step 4: स्नेल का नियम लागू करने पर: n = sin i / sin r
$$n = \frac{\sin\left(\frac{A + \delta_m}{2}\right)}{\sin\left(\frac{A}{2}\right)}$$

Solved Examples (हल किए गए उदाहरण)

Example 1

एक अवतल दर्पण की फोकस दूरी 15 cm है। वस्तु 30 cm दूर रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति ज्ञात करें।

हल: 1/f = 1/v + 1/u → 1/(−15) = 1/v + 1/(−30) → 1/v = −1/15 + 1/30 = −1/30 → v = −30 cm

निष्कर्ष: प्रतिबिंब दर्पण के सामने 30 cm पर, वास्तविक और उल्टा।

Example 2

काँच का अपवर्तनांक 1.5 है। क्रांतिक कोण ज्ञात करें।

हल: sin θc = 1/n = 1/1.5 = 0.6667 → θc = 41.8°

Example 3

एक उत्तल लेंस की फोकस दूरी 20 cm है। वस्तु 30 cm दूर रखी है। प्रतिबिंब दूरी ज्ञात करें।

हल: 1/f = 1/v − 1/u → 1/20 = 1/v − 1/(−30) → 1/v = 1/20 − 1/30 = 1/60 → v = 60 cm

Important Questions (महत्वपूर्ण प्रश्न)

Very Short Answer (1 Mark)
  1. दर्पण सूत्र लिखिए।
  2. क्रांतिक कोण की परिभाषा दें।
  3. लेंस की क्षमता का SI मात्रक क्या है?
  4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन की दो शर्तें लिखिए।
  5. निकट दृष्टि दोष का संशोधन किस लेंस से होता है?
Short Answer (2-3 Marks)
  1. स्नेल का नियम लिखिए और समझाइए।
  2. पूर्ण आंतरिक परावर्तन के दो अनुप्रयोग लिखिए।
  3. लेंस मेकर सूत्र लिखिए और इसमें आने वाले पदों को समझाइए।
  4. दूर दृष्टि दोष क्या है? इसका संशोधन बताइए।
Long Answer (5 Marks)
  1. दर्पण सूत्र का व्युत्पन्न करें।
  2. लेंस मेकर सूत्र का व्युत्पन्न करें।
  3. प्रिज्म सूत्र का व्युत्पन्न करें।

Solved Numericals (हल किए गए आंकिक प्रश्न)

Numerical 1

Q: एक वस्तु 10 cm ऊँची है और अवतल दर्पण से 20 cm दूर रखी है। दर्पण की फोकस दूरी 15 cm है। प्रतिबिंब की ऊँचाई ज्ञात करें।

हल: 1/f = 1/v + 1/u → 1/v = 1/(−15) − 1/(−20) = −1/60 → v = −60 cm

m = −v/u = −(−60)/(−20) = −3 → h' = m × h = −3 × 10 = −30 cm

उत्तर: प्रतिबिंब 30 cm ऊँचा, उल्टा और वास्तविक।

Numerical 2

Q: एक उत्तल लेंस की क्षमता +5 D है। इसकी फोकस दूरी ज्ञात करें।

हल: P = 1/f → f = 1/P = 1/5 = 0.2 m = 20 cm

Practice Questions (अभ्यास प्रश्न)

  1. उत्तल दर्पण का उपयोग वाहनों के पार्श्व दर्पण (Rear-view Mirror) के रूप में क्यों किया जाता है?
  2. काँच की पट्टिका से गुजरने पर प्रकाश का पार्श्विक विस्थापन किन कारकों पर निर्भर करता है?
  3. लेंस की क्षमता और फोकस दूरी में क्या संबंध है?
  4. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी और खगोलीय दूरदर्शी में मुख्य अंतर बताइए।
  5. जरा दृष्टि दोष क्या है? यह किस आयु में होता है?

Practice Numericals (अभ्यास आंकिक प्रश्न)

  1. एक अवतल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 40 cm है। इसकी फोकस दूरी ज्ञात करें।
  2. हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। हीरे का क्रांतिक कोण ज्ञात करें।
  3. एक उत्तल लेंस की फोकस दूरी 25 cm है। इसकी क्षमता डायोप्टर में ज्ञात करें।
  4. एक प्रिज्म का प्रिज्म कोण 60° है और न्यूनतम विचलन 30° है। प्रिज्म के पदार्थ का अपवर्तनांक ज्ञात करें।

MCQ Test (बहुविकल्पीय प्रश्न)

Q1. अवतल दर्पण की फोकस दूरी होती है:
धनात्मक
ऋणात्मक
शून्य
अनंत
Q2. पूर्ण आंतरिक परावर्तन तब होता है जब प्रकाश जाता है:
विरल से सघन माध्यम में
सघन से विरल माध्यम में
समान घनत्व के माध्यमों में
निर्वात में
Q3. लेंस की क्षमता का SI मात्रक है:
मीटर
डायोप्टर
न्यूटन
वाट
Q4. निकट दृष्टि दोष का संशोधन होता है:
अवतल लेंस
उत्तल लेंस
बेलनाकार लेंस
समतल दर्पण
Q5. दूरदर्शी का आवर्धन बराबर होता है:
fe/fo
−fo/fe
fo×fe
fo+fe

Assertion-Reason

Q6.

Assertion (A): पूर्ण आंतरिक परावर्तन में सारा प्रकाश वापस उसी माध्यम में लौट जाता है।
Reason (R): यह घटना तब होती है जब आपतन कोण क्रांतिक कोण से बड़ा होता है।

उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A का सही कारण है।

Quick Revision (त्वरित पुनरावृत्ति)

Ray Optics — Quick Revision Table
राशि सूत्र
दर्पण सूत्र1/f = 1/v + 1/u
आवर्धन (दर्पण)m = −v/u
स्नेल का नियमn₁ sin i = n₂ sin r
क्रांतिक कोणsin θc = n₂/n₁
लेंस सूत्र1/f = 1/v − 1/u
लेंस मेकर1/f = (n−1)(1/R₁ − 1/R₂)
क्षमताP = 1/f (m में)
प्रिज्मn = sin[(A+δm)/2] / sin(A/2)
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यह अध्याय NCERT Class 12 Physics (Chapter 9 — Ray Optics and Optical Instruments) के आधार पर तैयार किया गया है। सभी सूत्र, व्युत्पत्तियाँ और आंकिक प्रश्न NCERT पाठ्यपुस्तक और CBSE पाठ्यक्रम (2025-26) के अनुसार सत्यापित हैं।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. दर्पण सूत्र और लेंस सूत्र में क्या अंतर है?

दर्पण सूत्र 1/f = 1/v + 1/u है (चिह्न परिपाटी के साथ), जबकि लेंस सूत्र 1/f = 1/v − 1/u है। यह अंतर अपवर्तन और परावर्तन की प्रकृति के कारण है।

Q2. पूर्ण आंतरिक परावर्तन की क्या शर्तें हैं?

(i) प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना चाहिए। (ii) आपतन कोण क्रांतिक कोण से बड़ा होना चाहिए।

Q3. निकट दृष्टि दोष क्या है?

निकट दृष्टि दोष (Myopia) में व्यक्ति दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं देख पाता। इसका संशोधन अवतल लेंस (Concave Lens) से किया जाता है।

Q4. लेंस की क्षमता क्या है?

लेंस की क्षमता P = 1/f (मीटर में) होती है। इसका SI मात्रक डायोप्टर (D) है। उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक और अवतल लेंस की ऋणात्मक होती है।

Q5. प्रिज्म में न्यूनतम विचलन की स्थिति क्या है?

न्यूनतम विचलन पर i = e और r₁ = r₂ = A/2 होता है। इस स्थिति में प्रकाश किरण प्रिज्म के अंदर सममित रूप से गुजरती है।

Q6. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी का आवर्धन कैसे बढ़ाया जा सकता है?

अभिदृश्यक और नेत्रिका दोनों की फोकस दूरी कम करके आवर्धन बढ़ाया जा सकता है। सूत्र: M = (vo/uo)(1 + D/fe)।

Q7. दूरदर्शी में अभिदृश्यक की फोकस दूरी अधिक क्यों होती है?

दूरदर्शी का आवर्धन M = −fo/fe होता है। अधिक आवर्धन के लिए fo अधिक और fe कम होनी चाहिए।

Q8. काँच की पट्टिका से गुजरने पर प्रकाश का पार्श्विक विस्थापन किन कारकों पर निर्भर करता है?

पार्श्विक विस्थापन d = t·sin(i−r)/cos r, जो पट्टिका की मोटाई (t), आपतन कोण (i) और अपवर्तनांक (n) पर निर्भर करता है।